National Beekeeping and Honey Mission: खेती बाड़ी के अलावा किसानों को अगर अन्य कोई ऐसा साधन मिल जाये जिससे आय में बढ़ोतरी हो तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है। तो ऐसे में आज हम आपको मधुमक्खी पालन के बारें में बताने जा रहे हैं। इन दिनों मधुमक्खी पालन ‘बी-कीपिंग’ ऐसा बिजनेस बन गया है जिसमें मोटी कमाई हो रही है। सबसे खास बात यह है कि मधुमक्खियां फसलों में परागण (Pollination) में मदद करती हैं। मधुमक्खियों से पैदावार तो बढ़ती ही है साथ में शहद, मोम और रॉयल जेली बेचने से अलग से कमाई भी होती है। केंद्र सरकार मधुमक्खी पालन के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है।
क्या है मधुमक्खी पालन योजना
मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन की शुरुआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य देश के किसानों की आय को दोगुना करना है। मधुमक्खी पालन और शहद मिशन योजना पूरी तरह से केंद्र सरकार के द्वारा फंडेड योजना है। इसे राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (NBB) के जरिए लागू किया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत ना केवल शहद उत्पादन को बढ़ावा दिया जाता है बल्कि मधुमक्खी पालन से जुड़े अन्य कीमती उत्पादों जैसे प्रोपोलिस और बी-वेनम के प्रोडक्शन को भी प्रमोट किया जाता है।
सरकार 35 से 50 प्रतिशत तक देती है सब्सिडी
इस योजना के अंतर्गत सरकार की ओर से किसानों और पशुपालकों को सरकार की ओर से तकनीकी सहायता के साथ-साथ भारी सब्सिडी दी जाती है। अलग-अलग वर्गों के हिसाब से प्रोजेक्ट लागत पर 35 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। इसमें मधुमक्खी के बक्से (Bee Boxes), छत्ते और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक मदद शामिल है।
साथ ही साथ मधुमक्खी पालन के लिए सरकार की ओर से किसानों को ट्रेनिंग भी दी जाती है। शहद की गुणवत्ता को जांचने के लिए लैब बनाने और उसे बाजार तक पहुंचाने के लिए कोल्ड चेन और स्टोरेज की सुविधा पर भी सरकार काफी पैसा खर्च कर रही है जिससे किसानों को उनके उत्पाद का सही कीमत प्राप्त हो सके।
कैसे करें आवेदन
- राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (NBB) की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें
- आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक डिटेल, निवास प्रमाण पत्र, भूमि से जुड़े कागजात रजिस्ट्रेशन के बाद यूनिक आईडी मिलती है
- जिले के कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से भी जानकारी और ट्रेनिंग फॉर्म भर सकते हैं
- आवेदन अप्रूव होने के बाद ट्रेनिंग पूरी करें
- सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है
- इसके बाद आप मधुमक्खी पालन का काम शुरू कर सकते हैं








