Paddy Farming Tips: धान की खेती में बुवाई से पहले कुछ जरूरी कदम उठा लिया जायें तो मेहनत तो आधी होती ही है साथ में मुनाफा भी बढ़ जाता है। आज हम आपको इस लेख में बताने जा रहे हैं कि धान की बुवाई से पहले कौन-कौन से जरूरी काम करने चाहिए। बुवाई से पहले खेत की गहरी जुताई करने से मिट्टी की सेहत में सुधार होता है और साथ ही यह फैसल को भी बीमारियों से बचाती है।
मिट्टी की गहरी जुताई जरूरी
खेतों में गेहूं की कटाई के बाद खेतों को खाली छोड़ने के बजाय उसकी गहरी जुताई करना जरूरी होता है। जब मिट्टी को गहराई से पलटते हैं तो नीचे दबे हुए हानिकारक कीटों के अंडे और लार्वा धूप के संपर्क में आकर खत्म हो जाते हैं।
खेतों को कुछ दिनों के लिए खुला छोड़ दें
खेतों की जुताई करने के बाद उसे कुछ दिनों के लिए खुला छोड़ दें। ऐसे में सूरज की किरणें मिट्टी को स्टेरलाइज कर देती हैं। इससे मिट्टी में पनपने वाली फफूंद और मिट्टी जनित रोगों का खतरा काफी कम हो जाता है।
खरपतवार होंगे नष्ट
गहरी जुताई करने से खरपतवार के बीज गहराई में दब जाते हैं और नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में धान की फसल के दौरान आपको बार-बार निराई-गुड़ाई करने और महंगे कीटनाशकों पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती।
मिट्टी होगी भुरभुरी
खेतों की गहरी जुताई करने से मिट्टी भुरभुरी हो जाती है। इससे बारिश या सिंचाई का पानी जमीन के अंदर गहराई तक पहुंचता है फिर धान के पौधों की जड़ों का विकास बेहतर होता है और वे मिट्टी से पोषक तत्वों को ज्यादा कुशलता से सोख पाती हैं।
ढैंचा या सनई जैसी हरी खाद उगाए
खेतों की जुताई करने के बाद धान की बुवाई से पहले ढैंचा या सनई जैसी हरी खाद उगाए। धान की बुवाई से पहले इसे खेत में ही जोत देने से मिट्टी को भरपूर नाइट्रोजन और जैविक कार्बन मिलता है। यह तरीका रसायनिक खाद के खर्च को कम करने में बहुत कारगर है।
खेत को धूप में तपाना फायदेमंद
धान की बुवाई करने से पहले खेत को धूप में तपाना एक पुरानी लेकिन बेहद वैज्ञानिक तकनीक है। इससे कीटों से राहत मिलने के साथ-साथ फसल की क्वालिटी भी बेहतर होती है।








