Animal Vaccination: जानवरों को बीमारियों और संक्रमण से बचाने के लिए समय-समय पर टीकाकरण करवाना जरूरी होता है। इसलिए पशु विशेषज्ञ तमाम छोटे या बड़े पशुपालकों को पशुओं को टीकाकरण कराने की सलाह देते हैं। टीकाकरण कराने से पहले कुछ जरूरी टिप्स दिए जाते हैं जो हर पशुपालकों को जानना जरूरी है।
आज के दौर में अधिकांश देश एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) फ्री एनिमल प्रोडक्ट की डिमांड कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका एक मात्र इलाज ये है कि पशुओं को एंटी बायोटिक दवाई खाने को न दी जाए और ये तभी मुमकिन है जब पशु बीमार न हों। यही वजह है कि सरकार पशुओं के टीकाकरण पर जोर देती है। इसलिए पशुओं का टीकाकरण करवाना अनिवार्य है।
टीकाकरण करवाने से पहले जान लें जरूरी टिप्स
- प्रथम टीकाकरण केवल स्वस्थ पशुओं में ही करना चाहिए।
- टीकाकरण से दो सप्ताह पहले कृमिनाशक दवाई देनी चाहिये।
- टीकाकरण के समय पशुओं का हेल्दी होना जरूरी है।
- बीमार और कमजोर पशुओं का टीकाकरण नहीं करना चाहिए।
- बीमारी फैलने से करीब 20-30 दिन पहले टीकाकरण करा लेना चाहिए।
- रोग फैलने के संभावित समय से करीब 20-30 दिन पहले करना चाहिए।
- मानकों के अनुसार कोल्ड बॉक्स में रखे टीके ही पशुओं को लगाने चाहिए।
- जहां पशु ज्यादा हों वहां झुण्ड में पशुओं का टीकाकरण करना जरूरी होता है।
- गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण नहीं करना चाहिए।
- टीकाकरण का रिकार्ड रखने के लिये हमेशा पशु स्वास्थ्य कार्ड बनाएं।
- टीकाकरण के दौरान हर पशु के लिये अलग-अलग सूईयों का इस्तेमाल करें।
- टीके में इस्तेमाल की गई सूई और सिरिज को नियमानुसार डिस्पोज करें।
टीकाकरण करवाने के फायदें
- पशुओं में होने वाली बीमारियों से बचाव।
- पशुओं में होने वाली महामारी से बचाव।
- पशुओं से मनुष्यों में होने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव।
- बीमारियो के इलाज से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाव।
- एनिमल प्रोडक्ट से इंसानों में होने वाली बीमारी से बचाव।
- किसानों की पशुपालन में कम लागत से मुनाफा बढ़ता है।








