बलिया का सत्तू लड्डू दुनिया में मचाएगा धमाल, किसानों की आय होगी तिगुनी

Published On: May 13, 2026
Follow Us

Ballia Famous Sattu Laddu: बलिया का मशहूर सत्तू का लड्डू अब यूएसए, चीन, नेपाल और दुबई समेत दुनिया के कई खाड़ी देशों में अपनी खास पहचान बना चुका है। बलिया के सत्तू से तैयार लड्डू को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजने की तैयारी में है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस रोजगार में 700 से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की पहल से बलिया का ये स्वादिष्ट और पौष्टिक सत्तू का लड्डू आज ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियो मार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के लोग अब यूपी के इस उत्पाद को पसंद कर रहे हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी पर लिखी किताब

महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बढ़ी मांग

जब से बलिया का सत्तू जब से ओडीओपी योजना में शामिल हुआ है, तब से इसका व्यापार कई गुना बढ़ गया है। प्रदेश के कई जिलों के साथ ही महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। आज के दौर में सत्तू केवल गांवों तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि ये अब शहरी लोगों की भी पहली पसंद बनता जा रहा है।

हरियाणा में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा, सरकार देगी इतनी सब्सिडी

सत्तू के लड्डू विदेशों में भेजने की पूरी तैयारी

निधि उद्योग की संस्थापक नीति अग्रवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बलिया के सत्तू से बनने वाले लड्डू को अमेरिका और खाड़ी देशों में भेजने की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बलिया का यह पारंपरिक स्वाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में नई पहचान बनाएगा। वहीं, बलिया में सत्तू का कारोबार कई गुना बढ़ा है। ओडीओपी में शामिल होने के बाद इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

आखिर केंद्र सरकार ने चीनी निर्यात पर क्यों लगाई रोक, जानिए बड़े कारण

700 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार

सौरभ अग्रवाल ने जानकारी दी कि सत्तू उत्पादन और पैकेजिंग के इस बढ़ते कारोबार ने महिलाओं को बड़े स्तर पर रोजगार दिया है। इस काम में करीब 700 से अधिक महिलाएं जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। वहीं, द्वाबा क्षेत्र के किसानों का चना हाथों हाथ खरीदा जा रहा है, जिससे उन्हें फसल का वाजिब दाम मिल रहा है।

पश्चिम बंगाल के किसानों को बड़ी राहत, आलू, प्याज समेत जरूरी वस्तुओं पर हटे अंतरराज्यीय प्रतिबंध

उन्होंने बताया कि जी आई टैग मिलने के बाद सत्तू को एक अलग पहचान मिलेगी। इसके साथ ही नकली उत्पादों पर रोक लगेगी और देश विदेश में ब्रांडिंग मजबूत होगी। इसके अलावा किसानों को ज्यादा दाम मिल सकेगा और एक्सपोर्ट के मौके और बढ़ जायेंगे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment