अब बिहार में होगी ब्लूबेरी की खेती, किसानों को होगा बंपर फायदा

Published On: May 2, 2026
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खेती के क्षेत्र में भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर ने नई सफलता हासिल की है। हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर में ब्लूबेरी के पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों को बिहार की जलवायु के अनुसार ढालने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती नतीजे काफी पॉजिटिव मिले हैं जिससे किसानों और वैज्ञानिकों दोनों को लिए नई आस जगी है।

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बिहार में ब्लू बेरी की खेती की नई संभावनाएं

आमतौर पर ब्लूबेरी ठंडे इलाकों में ही उगाई जाती है लेकिन अब इसमें ऐसी किस्में भी विकसित की गई हैं जो गर्म इलाकों में उगाई जा सकती है। वैज्ञानिक बिहार में ब्लू बेरी की खेती के लिए नई संभावनाएं तलाश कर रहे हैं।

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एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिज से भरपूर ब्लूबेरी को अमेरिका और कनाडा का सुपरफूड माना जाता है। भारत में भी अब तेजी से इसकी मांग बढ़ रही है लेकिन अधिकतर ब्लूबेरी विदेशों से ही मंगवाई जाती है। यदि बिहार में इसकी खेती सफल होती है तो किसानों को अच्छी कीमत प्राप्त होगी।

किसानों की आय बढ़ने में मिलेगी मदद

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ब्लूबेरी की खेती किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती है। इसके लिए सही मिट्टी, सिंचाई, तापमान नियंत्रण और शुरुआती निवेश की जरूरत होगी। भागलपुर विश्वविद्यालय अब किसानों को इस नई फसल के बारे में जागरूक करने और उन्हें प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो आने वाले समय में बिहार के किसान ब्लूबेरी की खेती कर अच्छी कमाई कर सकेंगे।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने बताया कि अब तक यहां धान, मक्का और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों की खेती होती थी, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अब उच्च मूल्य वाली फसलों पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ब्लूबेरी की खेती की शुरुआत की गई है।

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