PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) के तहत केंद्र सरकार की ओर से देश भर के पात्र किसानों को हर साल 6 हजार रुपये आर्थिक सहायता के रुप में दिए जाते हैं। 6 हजार रुपये की यह किस्त एक बार में नहीं बल्कि तीन समान किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेज दी जाती है।
23वीं पीएम किसान योजना के तहत राशि का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आयी है। उत्तर प्रदेश में तकरीबन 16.56 लाख किसान परिवारों की किस्त पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी गई है। केंद्र सरकार ने किसानों के रिकॉर्ड में पायी गई कई खामियां पायी गई। कृषि विभाग ने ऐसे मामलों को ठीक करने के लिए विशेष अभियान चलाया है ताकि पात्र किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके। कृषि विभाग की ओर से जिन किसानों के दस्तावेजों या भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें जल्द सुधार करवाने की सलाह दी गई है।
क्यों रोक दी गई किसानों की किस्त
- विरासत (उत्तराधिकार) संबंधी त्रुटियां
कई किसानों को जमीन उत्तराधिकार के माध्यम से मिली है, लेकिन पंजीकरण के समय पूर्व भू-स्वामी यानी मृतक किसान का सही विवरण दर्ज नहीं कराया गया। ऐसे मामलों में किस्त रोक दी गई है। प्रदेश में इस श्रेणी के लगभग 11,13,169 मामले पाए गए हैं।
- एक ही भूमि पर दो लोगों का रजिस्ट्रेशन
कुछ मामलों में एक ही खाता या खसरा नंबर पर वर्तमान भू-स्वामी और पूर्व मालिक दोनों योजना में पंजीकृत पाए गए हैं। ऐसे मामलों में दोनों के भुगतान पर रोक लगाई गई है। प्रदेश में ऐसे करीब 2,62,365 मामले सामने आए हैं।
- 1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी गई जमीन का अधूरा विवरण
जिन किसानों ने 1 फरवरी 2019 के बाद कृषि भूमि खरीदी या प्राप्त की, उन्होंने पंजीकरण के समय पूरी जानकारी नहीं दी। ऐसे लाभार्थियों की किस्त भी रोकी गई है। इस श्रेणी में करीब 2,80,718 मामले हैं।
किसानों को करना होगा ये जरूरी काम
जिन किसानों की किस्त रोक दी गई है उन्हें अपनी Farmer Registry पूरी करनी होगी। इसके बाद पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपडेट मिसिंग इनफॉर्मेशन (Update Missing Information) विकल्प के माध्यम से जरूरी जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने होंगे। दस्तावेज अपलोड करते वक्त ध्यान रखें कि तमाम कागजात स्पष्ट और पढ़ने लायक हो।








