Crop Protection: आमतौर पर फसलों की कीटों से सुरक्षा करने के लिए किसान कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हमारे मन में ख्याल जरूर आता है कि ये कीटनाशक केवल कीटों के लिए जहर ही नहीं बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है। वहीं वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि कीटनाशक फसल के लिए ‘दवा’ का काम करते हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे इंसान बीमार होने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लेता है, वैसे ही फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए इनका इस्तेमाल जरूरी होता है। विश्व की तमाम बड़ी संस्थाएं जैसे FAO और WHO भी मानती हैं कि अगर हम कायदे और सही तरीके से इनका इस्तेमाल करें, तो यह खेती को बेहतर बनाने का सबसे बड़ा जरिया हैं। लेकिन पेस्टीसाइड्स का फायदा तभी है जब उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए।
रसायनिक दवाओं का इस्तेमाल बाद में करें
आरपीसी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, पूसा, समस्तीपुर के बिहार के पौधे सुरक्षा विभाग के हेड डॉ एस. के. सिंह का ऐसा मानना है कि आधुनिक खेती का सबसे बड़ा मंत्र है IPM Integrated Pest Management. इसका स्पष्ट अर्थ है कि कीड़े मारने वाली रसायनिक दवाओं का इस्तेमाल सबसे पहले नहीं, बल्कि सबसे आखिर में करना चाहिए। हमको पहले देसी नुस्खों को अपना चाहिए जैसे कि फसल चक्र बदलना या फिर फसलों की ऐसी किस्में को बोना जिनमें बीमारी कम लगती हो। इसके बाद फिर लाइप ट्रेप या चिपचिपे कार्ड्स का इस्तेमाल करना। अगर इनसे भी कीट ना भागे तो फिर बायो-पेस्टीसाइड्स यानि की नीम के तेल या फादेमंद कीटों का सहारा लेना चाहिए। जब इन तमाम नुस्खों से काम ना बने तो फिर जाकर अंत में रसायनिक दवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए।
दवा के स्प्रे का सही वक्त
डॉ एस. के. सिंह का कहना है कि पेस्टीसाइड्स का फायदा तभी है जब उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए। अधिकतर किसानों का ऐसा मानना है कि “ज्यादा दवा डालेंगे तो कीड़े जल्दी मरेंगे”, लेकिन यह ख्याल बिल्कुल गलत और नुकसानदेह है। इसलिए दवा हमेशा वही खरीदें जो सरकार से मान्यता प्राप्त हो और आपकी फसल की बीमारी के हिसाब से हो। दवा छिड़काव का भी एक सही वक्त होता है जिसे वैज्ञानिक भाषा में ETL कहते हैं। इसका मतलब है कि जब कीड़ों का हमला इतना बढ़ जाए कि नुकसान होना तय हो। उससे पहले बिना वजह स्प्रे करना पैसों और सेहत की बर्बादी है।
दवा का छिड़काव करते वक्त सावधानी जरूरी
कीटनाशक दवा का छिड़काव करते वक्त दस्ताने, मास्क, चश्मा और पूरे कपड़े जरूर पहनने चाहिए। छिड़काव के दौरान कुछ भी खाना-पीना या धूम्रपान यानि बीड़ी-सिगरेट करना जानलेवा साबित हो सकता है। ध्यान रखें कि हमेशा हवा की दिशा देखकर स्प्रे करें; कभी भी हवा के उलटे रुख खड़े होकर दवा न छिड़कें वरना वह आपके चेहरे और शरीर पर आएगी।








