किसानों को इन कृषि कार्यों पर सरकार दे रही है 35 प्रतिशत सब्सिडी

Published On: May 9, 2026
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PMMFME Scheme: किसानों के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों की सरकार मिलकर कई तरह की योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य खेती की लागत को कम करना है और किसानों को अधिक फायदा दिलवाना है।

केंद्र सरकार पूरे देश में बड़े स्तर पर फैसला लेती है जबकि राज्य की सरकारें अपने क्षेत्र की विशेष जरूरतों और फसलों के हिसाब से अलग-अलग सब्सिडी और मदद मुहैया कराती हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के बारें में बताने जा रहे हैं जो उन लोगों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आयी जो खेती के साथ-साथ खुद का बिजनेस भी शुरू करना चाहते हैं।

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क्या है प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत किसान खेती के साथ-साथ अपना बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। यदि किसान भाई कोई भी छोटा फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसे दाल मिल, राइस मिल या जैम-जेली बनाने का प्लांट लगाना चाहते हैं तो सरकार की ओर से कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट पर 35% की सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये तक हो सकती है।

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इन कामों में मिलेगी सहायता 

आमतौर पर किसी भी बिजनेस को चलाने के लिए रुपयों के साथ-साथ  सही स्किल और मार्केटिंग की भी जरूरत होती है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) योजना के अंतर्गत सरकार लाभार्थियों को प्रॉपर ट्रेनिंग और हैंड-होल्डिंग सपोर्ट भी देती है। इसमें सिखाया जाता है कि कैसे फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स (FSSAI) को मेंटेन करना है।

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इसके अलावा पैकिंग को आकर्षक कैसे बनाना है और अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग कैसे करनी है। सरकार ग्रुप्स और सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (SHGs) को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए भी सहायता देती है। जब भी आपका उत्पादन अच्छी पैकिंग और सरकारी सर्टिफिकेशन के साथ बाजार में उतारा जाता है तो ग्राहकों का भरोसा बढ़ जाता है और आपको अपनी मेहनत का अच्छा दाम मिलता है।

कैसे करें आवेदन

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  1. आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
  2. आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और जमीन/रेंट एग्रीमेंट जरूरी हैं।
  3. व्यक्तिगत उद्यमी, सहकारी समितियां और FPO भी योजना के लिए पात्र हैं। आवेदन के बाद जिला
  4. स्तरीय समिति प्रोजेक्ट की जांच करती है। मंजूरी मिलने पर लोन और सब्सिडी की प्रक्रिया शुरू होती है।
  5. फूड सेक्टर में कम निवेश में कारोबार शुरू करने का अच्छा मौका है।
  6. समय रहते प्रोजेक्ट प्लान तैयार कर योजना का लाभ उठाएं।

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