Pumpkin Cultivation Tips: अगर आपके घर की छत पर थोड़ी सी भी जगह है तो आप अपनी किचन की जरूरतों को पूरा करने के लिए खुद का मिनी फॉर्म शुरू कर सकते हैं। आप कद्दू से लेकर अन्य कई तरह की सब्जियां गमले में उगा सकते हैं। आज हम आपको घर पर कद्दू उगाने के टिप्स बताने जा रहे हैं।
- सही साइज के गमले या ग्रो बैग्स का चुनाव- कद्दू की बेल को उगाने के लिए सबसे पहले आपको सही साइज के गमले या ग्रो बैग्स का चुनाव करना होगा। चूंकि कद्दू की बेल काफी फैलती है, इसलिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा कंटेनर लेना स्मार्ट चॉइस रहेगी। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि गमले में ड्रेनेज होल जरूर हो जिससे एक्स्ट्रा पानी आसानी से बाहर निकल सके।
- मिट्टी तैयार करें- सबसे जरूरी होता है मिट्टी तैयार करना क्यूंकि छत पर सीमित संसाधनों में पौधे को पोषण देना होता है। सामान्य मिट्टी में 50 प्रतिशत वर्मीकम्पोस्ट या पुरानी गोबर की खाद मिलाकर एक रिच मिक्स को तैयार कर लें। फिर इसमें थोड़ा सा नीम खली पाउडर भी मिला दें जिससे जड़ों में किसी तरह के फंगस या कीड़ों का डर बिल्कुल न रहे।
- अच्छी क्वालिटी के हाइब्रिड बीज– अच्छी क्वालिटी के हाइब्रिड बीज लें। आप बीजों को मिट्टी में करीब एक इंच की गहराई पर दबा दें और इसमें हल्का पानी छिड़क दें। एक सप्ताह के भीतर आपको छोटे-छोटे नन्हे पौधे मिट्टी से बाहर निकलते हुए दिखाई देने लगेंगे।
- डंडे या लकड़ी की मदद से मजबूत मचान- कद्दू की बेल होती है तो उसको सपोर्ट के लिए एक मजबूत मचान की आवश्यकता होती है। इसलिए आप लकड़ी के डंडे या रस्सी की मदद से एक मजबूत मचान तैयार कर सकते हैं। जब बेल ऊपर की तरफ बढ़ती है तो फलों को धूप अच्छी मिलती है और वे जमीन की नमी से सड़ने से भी बच जाते हैं।
- सही धूप और पोषण जरूरी- अब वक्त आता है पौधों की देखभाल का तो समय-समय पर पानी देना और ऑर्गेनिक लिक्विड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करना बहुत असरदार रहता है। कद्दू के पौधों को भरपूर धूप पसंद है। इसलिए ध्यान रखें कि गमलों को छत के ऐसे हिस्से में रखें जहां कम से कम 6-7 घंटे की सीधी धूप आती हो। सही धूप और पोषण से फल तेजी से बड़े होते हैं।
- 2-3 महीने में कद्दू की होगी पैदावार- तकरीबन 2-3 महीने की मेहनत के बाद ही आपको ताजे हरे कद्दू बेल में लटकते हुए नजर आयेंगे।











